हरियाणा के छात्र लाठियां खाने के बाद भी सरकार से भिड़े हुए हैं!
हरियाणा में छात्रसंघ चुनाव 1996 में बंद कर दिए गए थे। जिसके बाद से लगातार सभी छात्र संगठन छात्रसंघ चुनाव को बहाल करवाने के लिए सड़कों पर उतरे रहते थे। लगातार 22 साल के संघर्ष के बाद हरियाणा की सभी विश्वविदयालयों में छात्रसंघ चुनाव कराए जाने थे। लेकिन, ऐन वक़्त पर सरकार ने प्रत्यक्ष चुनाव की जगह अप्रत्यक्ष चुनाव की घोषणा कर दी। जिस कारण दोबारा सभी छात्रों को सड़कों पर उतरना पड़ा है।