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राजस्थान हाईकोर्ट में दलित महिलाओं ने मनु की मूर्ति पर कालिख पोती, कहा- दलित और महिला विरोधी है मनु का दर्शन

दलित कार्यकर्ता भारत मेघवंशी ने कहा, ‘मनु की विचारधारा जबतक मौजूद हैं, तब तक समाज में कोई समानता नहीं हो सकती है।

राजस्थान उच्च न्यायालय के परिसर में दो महिलाओं ने मनु की मूर्ति पर काली स्याही पोत दी। ये दोनों महिलाएं बिहार के औरंगाबाद की हैं। इनकी पहचान शीलाबाई और कंता रमेश अयारे के तौर पर हुई है। फ़़िलहाल दोनों महिलाओं को गिरफ़्तार कर लिया गया है।

पुलिस ऑफिसर मदन बेनीवाल ने बताया कि दोनों महिलाएं ने पूछताछ में कहा कि वे मनु के सिद्धांतों का विरोध करती हैं और मूर्ति विरोध जताने के लिए उन्होंने स्याही फेंकी हैं। फिलहाल, दोनों महिलाओं से पूछताछ की जा रही है।

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान उच्च न्यायालय के वकील प्रहलाद शर्मा ने कहा कि तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश की अनुमति के बाद मूर्ति स्थापित की गई थी। “उस समय भी, समाज के कुछ तत्वों ने इसका विरोध किया था। उन्होंने कहा कि, मनु को हिंदुओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है और उन्हें मानव जाति के पिता के रूप में भी देखा जाता है। उन्होंने कहा, ‘यह स्वीकार्य नहीं है कि लोग उच्च न्यायालय परिसर में आते हैं और इस तरह के कामों को अंजाम देते हैं।’

दलित कार्यकर्ता भारत मेघवंशी ने कहा, ‘मनु की विचारधारा महिलाओं और निचली जातियों के लोगों के खिलाफ़ है। जब तक ऐसे विचार मौजूद हैं, तब तक समाज में कोई समानता नहीं हो सकती है। इसीलिए उन्हें जल्द हटाने की आवश्यकता है और इसके लिए एक जन आंदोलन की जरूरत है।’

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