May a good source be with you.

देश पर थोपा जा रहा “एक समान सोच” का बोझ, असहमति की आवाज़ पर बरसाई जा रही लाठियां

देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1952 और 1957 के चुनाव में कहा था कि मैं एक नहीं, दो नहीं बल्कि अपने जीवन का सारा चुनाव हारने को तैयार हूं पर धर्म-निरपेक्षता से कभी समझौता नहीं करूंगा.

You can also read NewsCentral24x7 in English.Click here
+