न्यूज़ चैनलों को बचाने हेतु एक नए आंदोलन का नुस्ख़ाः रवीश कुमार
चैनलों में संपादक मर गया है. मार दिया गया है. उसके हाथ पाँव बँधे हैं. टीवी पर आर्थिक दबाव होता है लेकिन जो लटियन दिल्ली के ख़ास पत्रकार हैं उनकी ख़बर कहाँ हैं? पूछिए. हर एडिटर और एंकर से इसे आंदोलन में बदल दें.