दोबारा नहीं चढ़ेगी काठ की हांडी, पुण्य प्रसून बाजपेयी ने बताया- मोदी के लिए क्यों मुश्किल है 2019 की राह
सियासी गलियारों की सांसे गर्म हैं. धड़कनें बढ़ी हुई है. क्योंकि जीत हार उसी ग्रामीण वोटर को तय करनी है जिसकी पहचान किसान या मजदूर के तौर पर है.
सियासी गलियारों की सांसे गर्म हैं. धड़कनें बढ़ी हुई है. क्योंकि जीत हार उसी ग्रामीण वोटर को तय करनी है जिसकी पहचान किसान या मजदूर के तौर पर है.