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मध्यप्रदेश: किसानों के क़र्ज़ नहीं हो रहे माफ़, लेकिन भाजपा के विधायकों की संपत्ति में हुई कई गुना बढ़ोतरी

भाजपा विधायक दिव्यराज की संपत्ति में 1397 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

मध्यप्रदेश में सत्ता का स्वाद चख रही भाजपा ने भले ही किसानों का क़र्ज़ माफ न किया हो लेकिन केवल पांच सालों में ही पार्टी विधायकों की संपत्ति में कई गुना बढ़ोतरी दर्ज़ हुई है. आय बढ़ोतरी का यह खुलासा इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्स की रिपोर्ट के ज़रिये हुआ, जिसमें डेयरी और कृषि से जुड़े भाजपा विधायक दिव्यराज सिंह की संपत्ति में पिछले 5 सालों में 1397 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. साल 2013 में दिव्यराज की कुल संपत्ति 4 करोड़ थी लेकिन 2018 में उनकी संपत्ति 4 करोड़ से लंबी छलांग लागकर 62 करोड़ रुपये पहुंच गई है.

ईनाडु की रिपोर्ट के अनुसार एडीआर द्वारा 174 उम्मीदवारों के निर्वाचन पत्रों के साथ दिए गए शपथ पत्रों का विश्लेषण कर इस रिपोर्ट को तैयार किया गया है. भाजपा उम्मीदवार दीपक जोशी की संपत्ति में भी 596 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. दीपक जोशी विशेष रूप से कृषि व्यवसाय में हैं. रिपोर्ट के मुताबिक 2013 में जोशी की कुल संपत्ति 36 लाख रुपये थी जो 2018 में बढ़कर 2 करोड़ पहुंच गई है. भाजपा विधायक सुदेश राय की संपत्ति में उछाल के आंकाड़े भी कुछ इसी प्रकार हैं. 2013 में राय की घोषित संपत्ति 10 करोड़ रुपये थी जो मौजूदा समय में 67 करोड़ रुपये पहुंच चुकी है. मैहर से भाजपा उम्मीदवार नारायण त्रिपाठी की संपत्ति पिछले चुनावों में 15 लाख रुपये थी जो 2018 के चुनाव आते-आते 89 लाख रुपये हो गई है.

गौरतलब है कि भाजपा के 7 ऐसे उम्मीदवार भी मौजूद है जिनकी संपत्ति का विश्लेशण नहीं किया जा सका क्योंकि उम्मीदवार द्वारा जमा किए गए शपथ पत्रों के कागज गायब हो गए थे और कुछ पत्र गलत प्रकार से स्कैन किए गए थे. इस कारण से उनका सही प्रकार से विश्लेषण नहीं किया जा सका. इन 7 उम्मीदवारों में खुरई के उम्मीदवार भूपेंद्र सिंह, जबलपुर उम्मीदवार अंचल सोनकर, पनागर उम्मीदवार सुशील कुमार तिवारी, सिहोरा उम्मीदवार नंदनी मरावी, नरसिंहपुर उम्मीदवार जालम सिंह पटेल, भोजपुर से सुरेंद्र पटवा और रीवा से राजेंद्र शुक्ला का नाम शामिल है.

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