गुजरात दंगों में नहीं मारे जाते सैकड़ों मुसलमान, अगर तब की मोदी सरकार ने निभाया होता अपना फ़र्ज़ : लेफ़्टिनेंट जनरल ज़मीरउद्दीन शाह
28 फ़रवरी 2002 की रात को 2 बजे वायु सेना गुजरात पहुंच चुकी थी। लेकिन, नरेन्द्र मोदी की सरकार ने ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था नहीं की, जिसके कारण सेना ने 2 मार्च से कमान संभाला। तब तक दंगों में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी थी।