क्या कांग्रेस ने विद्यार्थियों को BJP को वोट ना देने के लिए प्रतिबद्ध किया? क्लिप किया हुआ वीडियो वायरल!
अॉल्ट न्यूज़ की पड़ताल
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमे ये कहा जा रहा है की कांग्रेस ने लोगों को भाजपा को वोट ना देने के लिए शपथ दिलाई है। 3 अक्टूबर की शाम 6.11 बजे ये वीडियो Ultimate Dangerous (@KING_OF_TROLL_) के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया और ये 200 से ज्यादा बार रिट्वीट हुआ है।
भाजपा समर्थक शुभ्रास्था ने इस वीडियो को इस कैप्शन के साथ रीट्वीट किया: “लगता है हिटलर ने शपथ दिलाई है। खूनी फ़ासिस्ट। लोकतंत्र के विरोधी इमरजेंसी के उस्ताद। डूब मरो कांग्रेस!” (अनुवाद) उनके ट्वीट को लगभग 1000 बार लाइक और 500 बार रीट्वीट किया गया है।
Looks like Hitlers’ pledge! Bloody Fascists! Anti Democracy Emergency Fame Fascists! Die Congress! @INCIndia doesn’t deserve survival in a democracy. Crying shame on our free political culture! https://t.co/SkXch8oLwN
— शुभ्रास्था | Shubhrastha (@Shubhrastha) October 3, 2018
इस वीडियो को फेसबुक पर भी व्यक्तिगत तौर पर लोगों ने शेयर किया है। इस वीडियो में कुछ विद्यार्थियों के एक गुट को यह बोलते हुए दिखाया है : “मैं भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं दूंगा नाही भारतीय जनता पार्टी के किसी कार्यकर्ता का सहयोग करूँगा। मैं यह भी शपथ लेता हूँ कि 24 घंटे के भीतर कम से कम तीन लोगों को मैं इस तरह की शपथ के लिए मैं प्रेरित करूँगा, साथ ही मैं अपने ग्राम के और अपने क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी के भ्रष्टाचार, अन्याय के बारे में लोगों को जागरूक करूँगा।”
सच क्या है?
ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि ये वीडियो कोई हाल ही के प्रसंग का नहीं है और एक गलत दावे के साथ फैलाया जा रहा है। इसके अलावा इस वीडियो के शुरू के कुछ हिस्से को काट दिया गया है। असली वीडियो में, जो कि कई मीडिया घरानों ने भी रिपोर्ट की है, उसमें यह कहते हुए सुनाई दे रहा है: “जब तक ऑनलाइन परीक्षा बंद नहीं कर देती, तबतक मैं भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं दूंगा।”
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में ऑनलाइन परीक्षा की बात को नही बताया है, और इस बात को भी छुपा दिया है की ये छात्र किस मुद्दे को लेकर विरोध कर रहे थे। मध्यप्रदेश विधान सभा के पहले, इटारसी के विजयलक्ष्मी इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट में 26 जनवरी 2018 की ये बात है। ये छात्र ऑनलाइन परीक्षा का विरोध कर रहे थे और उसे ख़त्म करने की मांग कर रहे थे। टाइम्स ऑफ़ इंडिया, आउटलुक, इंडिया टुडे, NDTV, न्यूज़ 18, दैनिक जागरण, फर्स्टपोस्ट, पंजाब केसरी, और द वायर, सहित कई मीडिया घरानों ने इस खबर को छापा था। इन में से किसी भी रिपोर्ट में कांग्रेस के भागीदार होने की बात नहीं है।
दैनिक भास्कर के फरवरी के आगामी लेख में ये रिपोर्ट किया कि कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने इस कॉलेज की मान्यता हटाने का नोटिस भेज दिया है। सरकार ने ये कारण बताया कि इस इंस्टिट्यूट की सुविधाएं ज़रूरी मापदंडों के हिसाब से नहीं थी। इस रिपोर्ट में ये भी बताया गया की सरकार ने ये मान्यता हटाने का निर्णय भाजपा के राज्य प्रवक्ता राहुल कोठरी के शिकायत पर लिया है।
एक असंबद्ध, पुरानी घटना के वीडियो को काट कर झूठे दावे के साथ फैलाया गया है। अब कई राज्य में चुनाव होने वाले है, और इस तरीके के गलत अफवाहे खूब फैलाई जाएगी, जैसा की पहले भी देखा गया है। सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वालों को चौकन्ना रहने की सलाह है।