कैमरे में हिमा दास का इतिहास है, उसकी जीत के क्षणों की रिकॉर्डिंग नहीं : रवीश कुमार
हम उन पलों में हिमा को नहीं देख पाते हैं जब वह अपनी शक्तियों को बटोरते हुए ख़ुद को खींच रही होती हैं. वह लम्हा बहुत छोटा था मगर फ़ासला बहुत लंबा था.
हम उन पलों में हिमा को नहीं देख पाते हैं जब वह अपनी शक्तियों को बटोरते हुए ख़ुद को खींच रही होती हैं. वह लम्हा बहुत छोटा था मगर फ़ासला बहुत लंबा था.