यूपी पुलिस ख़ुद को भंग कर बीजेपी से पार्षद बन जाए-रवीश कुमार
जब पुलिस का इक़बाल समाप्त हो जाए। वो अपनी ही नज़र में गिर जाए तो पुलिस को ख़ुद को ही भंग कर देना चाहिए। या तो पुलिस नैतिक बने, ईमानदार बने, सूखी रोटी खाए और अपने सम्मान की वापसी करे या फिर ख़ुद को भंग कर ले। दारोगा का पीटते चले जाना साबित करता है कि पुलिस भाजपा से डर गई है।