अब वह समय आ गया है कि हम महिलाओं को जगह दें और उनकी आपबीती सुनें – नन्दिता दास
निजी और पेशेवर जीवन को दांव पर लगा कर बाहर आने वाली औरतों ने जो साहस दिखाया है, वह व्यर्थ नहीं जाना चाहिए।
निजी और पेशेवर जीवन को दांव पर लगा कर बाहर आने वाली औरतों ने जो साहस दिखाया है, वह व्यर्थ नहीं जाना चाहिए।