लागू होने के बाद संविधान को आम लोगों द्वारा आज़माने का इतिहास पढ़कर दंग रह जायेंगे : रवीश कुमार
आप जब इस इतिहास को पढ़ेंगे तो हिम्मत आएगी. प्रेरणा मिलेगी कि कितने साधारण लोग थे वे जिन्होंने संविधान की शरण ली और राज्य यानी स्टेट को उसकी हदें बता कर रखीं.