विवाह के इतर संबंध बनाना अब कोई जुर्म नहीं, एडल्ट्री कानून को सर्वोच्च न्यायालय ने माना असंवैधानिक
न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने कहा कि व्यभिचार विवाह विच्छेद (तलाक़) का आधार बन सकता है, लेकिन दंडनीय अपराध नहीं हो सकता है।
न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने कहा कि व्यभिचार विवाह विच्छेद (तलाक़) का आधार बन सकता है, लेकिन दंडनीय अपराध नहीं हो सकता है।