महात्मा गांधी की ताबीज़ और बिहार के एक प्रवासी मजदूर की मॉब लिंचिंग
हमने धन और नफ़रत के नशे के कारण गांधी जी के वो ताबीज़ खो दिए हैं. मैं सोचता हूं कि वो ताबीज़ फिर से वापस पाने में हमारी कितनी पीढ़ियां गुजर जाएंगी?
हमने धन और नफ़रत के नशे के कारण गांधी जी के वो ताबीज़ खो दिए हैं. मैं सोचता हूं कि वो ताबीज़ फिर से वापस पाने में हमारी कितनी पीढ़ियां गुजर जाएंगी?