“साहित्यकार देशभक्ति और राजनीति के पीछे चलने वाली सच्चाई नहीं बल्कि उसके आगे मशाल देखाकर चलने वाली सच्चाई है”: कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद
धनपत राय श्रीवास्तव से मुंशी प्रेमचंद (क़लम का सिपाही) बनने तक का सफर.
धनपत राय श्रीवास्तव से मुंशी प्रेमचंद (क़लम का सिपाही) बनने तक का सफर.