जेटली जी! पांच सालों में देश ने बहुत सारे आंदोलन देखे हैं, अब आप क्या चाहते हैं कि नौकरी की मांग करने वाले ‘फसादी आंदोलन’ करें ?
अरुण जेटली ने बीते दिनों कहा था कि अगर देश में बेरोज़गारी की समस्या होती तो अभी तक समाज में अशांति फैल चुकी होती
अरुण जेटली ने बीते दिनों कहा था कि अगर देश में बेरोज़गारी की समस्या होती तो अभी तक समाज में अशांति फैल चुकी होती