दुर्भाग्यपूर्ण है PM मोदी के हेलीकॉप्टर की तलाशी लेने वाले IAS अधिकारी का निलंबन: पूर्व चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी
एस वाई कुरैशी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हैं तो चुनाव आयोग इसकी अनदेखी करता है.
प्रधानमंत्री मोदी के हेलीकॉप्टर की तलाशी लेने वाले आईएएस अधिकारी व उड़ीसा के संबलपुर में चुनाव प्रेक्षक मोहम्मद मोहसिन के निलंबन की पूर्व चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी ने कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा है कि यह एक अच्छा मौका था जब चुनाव आयोग और प्रधानमंत्री मोदी अपनी छवि सुधारने और संस्थानों की गरिमा बरकरार रखने की कोशिश कर सकते थे, लेकिन दोनों ने यह मौका गंवा दिया.
ट्विटर पर एस वाई कुरैशी ने लिखा है, “उड़ीसा में प्रधानमंत्री मोदी के हेलीकॉप्टर की तलाशी लेने वाले चुनाव प्रेक्षक को निलंबित किया जाना ना सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि ऐसा करके चुनाव आयोग और खुद प्रधानमंत्री ने अपने पद और संस्थान की छवि सुधारने का मौका गंवा दिया है. ये दोनों (चुनाव आयोग और प्रधानमंत्री) एक संस्थान के तौर पर जनता की नज़रों में बने हुए हैं. प्रधानमंत्री मोदी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हैं तो चुनाव आयोग इसकी अनदेखी करता है.”
उन्होंने आगे कहा, “उड़ीसा के मामले को इस तरह पेश किया जा सकता था कि देश में सबके लिए कानून बराबर है. इस एक फ़ैसले के कारण दोनों की आलोचना करने वाले पक्ष कमजोर पड़ जाते. लेकिन, अधिकारी पर कार्रवाई करके इन्होंने नई विवादों को जन्म दे दिया है.”
PM’s chopper raid incident is a great opportunity missed ! Please see my views. pic.twitter.com/VqOjSVwfmK
— Dr. S.Y. Quraishi (@DrSYQuraishi) April 18, 2019
इसके साथ ही पूर्व चुनाव आयुक्त कुरैशी ने उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की सराहना की है. उन्होंने कहा है कि नवीन पटनायक ने अपने हेलीकॉप्टर की तलाशी के दौरान सहयोग करके मिसाल कायम किया है.
बता दें कि चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री मोदी के हेलीकॉप्टर की तलाशी लेने वाले आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन को निलंबित कर दिया है. चुनाव आयोग ने अपने फ़ैसले के पीछे जिन नियमों का हवाला दिया है, उन पर भी सवाल उठ रहे हैं.