Exclusive: वाह न्यू इंडिया! तार-तार हुई बनारस की परंपरा, मणिकर्णिका घाट से लौट गई सजी हुई चिताएं
मणिकर्णिका घाट विश्व का एकमात्र ऐसा घाट है, जहां चौबीसों घंटे शव जलाने का काम होता है. इससे पहले कभी भी शव जलाने को लेकर ऐसी रोक नहीं लगी थी.
मणिकर्णिका घाट विश्व का एकमात्र ऐसा घाट है, जहां चौबीसों घंटे शव जलाने का काम होता है. इससे पहले कभी भी शव जलाने को लेकर ऐसी रोक नहीं लगी थी.