हिंदी पत्रकारिता दिवस: मोदी काल के पहले सफर में लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ ढह गया
सत्तानुकूल ना होने वाली मीडिया को जीने का हक नहीं ये मोदी काल में खुल कर उभरा . और जब लोकतंत्र ही मैनेज हो सकता है तो फिर लोकतंत्र के महापर्व को मैनेज करना कितना मुश्किल होगा .