किताब में पढ़ाई गई बात सच है तो यह चुनावी परिणाम गांधी, नेहरू और भगत को तमाचा है
“देश ने दिखा दिया कि मेरा देश कल्पना का देश था. मैं यहां रुआंसा बैठा हूँ, किसको बताऊं कि हमारे साथ धोखा हुआ है, हमसे झूठ बोला गया है.”
“देश ने दिखा दिया कि मेरा देश कल्पना का देश था. मैं यहां रुआंसा बैठा हूँ, किसको बताऊं कि हमारे साथ धोखा हुआ है, हमसे झूठ बोला गया है.”