राफेल सौदे की चोरी पकड़े जाने के बाद नर्वस है मोदी सरकार: योगेन्द्र यादव
शुक्रवार को मीडियापार्ट से बातचीत में फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने कहा है कि भारत सरकार ने राफेल डील के लिए सिर्फ रिलायंस को ही प्रस्तावित किया था जिसके कारण हमारे पास दूसरा कोई विकल्प मौजूद नहीं था।
राफेल सौदे पर फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद का बयान सामने आने के बाद स्वराज इंडिया के संस्थापक योगेन्द्र यादव ने कहा है कि मोदी सरकार की चोरी पकड़ी गई है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस मामले पर ट्वीट करके बता दिया है कि घोटाले की सच्चाई सामने आने के बाद यह सरकार नर्वस है।
Don't remember Defence Spokesperson responding with such alacrity!
This govt is nervous.
They are caught.
And they know it. https://t.co/4GJjKLjBhN— Yogendra Yadav (@_YogendraYadav) September 21, 2018
गौरतलब है कि फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद का बयान आने के एक घंटे के भीतर रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता के ट्विटर हैंडल से प्रतिक्रिया दी गई। इसमें ओलांद के दावे को खारिज किया गया।
बता दें कि शुक्रवार को मीडियापार्ट से बातचीत में फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने कहा है कि भारत सरकार ने राफेल डील के लिए सिर्फ रिलायंस को ही प्रस्तावित किया था जिसके कारण हमारे पास दूसरा कोई विकल्प मौजूद नहीं था।
मोदी सरकार यह दावा करती रही है कि दसॉल्ट ने खुद ही रिलायंस को डील के लिए चुना था, इसमें भारत सरकार का कोई हाथ नहीं था। फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति का बयान सामने के बाद इस मामले की सच्चाई सामने आ गई है।
इससे पहले मोदी सरकार ने कहा था कि हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड राफेल विमानों के निर्माण में सक्षम नहीं था। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि पिछली यूपीए सरकार ने हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को इस डील से बाहर कर दिया था।
अब फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ओलांद का बयान सामने आने के बाद यह लगभग साबित हो गया है कि मोदी सरकार ने राफेल डील में अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस को मदद पहुंचाने की कोशिश की है।