मोदी से नाराज़ है देश का युवा-किसान, 2019 के चुनाव में नहीं मिलेगी 200 से ज़्यादा सीट-यशवंत सिन्हा
यशवंत सिन्हा ने कहा है कि भाजपा ने पिछले चार सालों में कोई काम नहीं किया इसीलिए अब सांप्रदायिक मुद्दे उठाकर चुनाव जीतना चाहती है.
2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर कई अनुमान सामने आए हैं. इन सभी अनुमानों में एक बात सामान्य है कि भाजपा को काफ़ी कम सीटें मिलने वाली है. इसी कड़ी में पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा है कि अगले चुनाव में भाजपा को 200 से भी कम सीटें मिलेंगी.
अपनी नई किताब ‘इंडिया अनमेड’ के बारे में बातचीत करते हुए यशवंत सिन्हा ने कहा कि एनडीए सरकार केवल दो लोगों के हाथों में सिमट कर रह गई है. पार्टी को अगले लोकसभा चुनाव में 200 से भी कम सीटें आएगी.
द वायर से बात करते हुए सिन्हा ने कहा कि मोदी सरकार ने नोटबंदी के बाद जीडीपी ग्रोथ पर देश से झूठ बोला है. सरकार का कोई मंत्रालय काम नहीं कर रहा है. सब पीएमओ से संचालित होता है. उन्होंने कहा कि यदि मोदी सरकार ने विकास किया होता तो आज सांप्रदायिक राजनीती करने की ज़रूरत नहीं पड़ती.
यशवंत सिन्हा की किताब के अनुसार नया भारत बनाने के चक्कर में हमसे पुराना भारत भी छिन लिया गया है. सिन्हा ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र के माध्यम से हमने जिस नेता को चुना वह तानाशाह बन गया है. नोटबंदी के कारण 1 सौ 30 करोड़ लोगों के जीवन पर असर पड़ा है. रोज़गार, नोटबंदी के असर, जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ो के साथ सरकार ने छेड़छाड़ की है और साढ़े चार साल के आंकड़े को अन्य सालों के आंकड़ों से बेहतर दिखाया गया है.
आरबीआई की स्वतंत्रता पर सिन्हा ने कहा कि मोदी सरकार के सत्ता में आते ही अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमत में भारी गिरावट आई, जिससे सरकार को लाखों-करोड़ों रुपयों का फायदा हुआ. हालांकि सरकार ने उन पैसों का क्या किया यह किसी को नहीं पता. अब आरबीआई के पास रिज़र्व पैसों पर सरकार डाका डालना चाहती है. नोटबंदी के कारण लोगों की नौकरियां गईं. यशवंत सिन्हा ने मोदी सरकार की तुलना अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के साथ करते हुए कहा कि अटल जी की सरकार के दौरान 6 करोड़ लोगों को रोज़गार मिला था.
प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्राओं पर तंज कसते हुए सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने साढ़े चार सालों में इतनी विदेश यात्राएं की हैं, लेकिन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को कभी साथ चलने के लिए नहीं पूछा. विदेश मंत्रालय का अब कोई वजूद नहीं बचा है और सब कुछ पीएमओ की निगरानी में हो रहा है.
देश के वित्त मंत्री तक को नहीं पता था कि नोटबंदी होने वाली है. जबकि अटल जी ने परमाणु परीक्षण के दौरान गोपनीय तरीके से मुझे जानकारी दी थी. लेकिन, मोदी जी ने इतने बड़े फैसले पर किसी को जानकारी नहीं दी.
कांग्रेस द्वारा राफ़ेल सौदे में भ्रष्टाचार को लेकर सिन्हा ने कहा कि राफ़ेल सौदे सही नहीं हुआ है. हमने इसके ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की थी. हालांकि कोर्ट के फ़ैसले से हम सहमत नहीं है. राफ़ेल सौदे में हुई गड़बड़ी छोटी-मोटी गलती नहीं है. बल्कि भयानक गलती है. पैसा बनाने के लिए, करीबी करोबारियों को फायदा पहुंचाने के लिए की गई गलती है.
तीनों राज्यों में भाजपा की करारी हार पर सिन्हा ने कहा कि देश के किसान बदहाल हैं, किसान सरकार से बहुत नाराज़ हैं. महिलाएं असुरक्षित हैं. युवाओं में रोज़गार न मिलने को लेकर नाराज़गी है. सांप्रदायिकता का ज़हर फैलाया जा रहा है. देश की जनता को यह पसंद नहीं है. इसलिए इस सरकार की लोकप्रियता वह नहीं रही जिसके दम पर यह 2014 में सत्ता में आई थी.
राम मंदिर के मुद्दे पर सिन्हा ने कहा कि जो लोग मंदिर की मांग कर रहे हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि राम मंदिर एक रात में नहीं बन सकता. यह जटिल मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. भाजपा राम मंदिर के मुद्दे पर जनता को बहका रही है. इसे चुनावी मुद्दा बनाया जा रहा है.
यशवंत सिन्हा ने कहा कि 2019 में नरेंद्र मोदी सरकार का प्रदर्शन वैसा नहीं रहेगा जैसा 2014 के चुनावों में रहा था और भाजपा की संख्या 200 से नीचे होगी.