पश्चिम बंगाल में भाजपा को बड़ा झटका, रथयात्रा के फैसले पर तुरंत विचार नहीं करेगी सुप्रीम कोर्ट
गुरुवार को हाइकोर्ट की खंडपीठ ने इस कार्यक्रम पर रोक लगा दी थी, जिसे भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा की रथयात्रा पर रोक लगाने के हाईकोर्ट के फ़ैसले पर तुरंत विचार करने से इनकार कर दिया है. इससे पहले हाइकोर्ट की एकल पीठ ने इस कार्यक्रम को अनुमति दे दी थी, जिसे राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय के खंडपीठ में अपील कर फिर से रोक लगा दिया था.
बता दें कि भारतीय जनता पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए पश्चिम बंगाल में बीते 7 दिसम्बर से ही रथयात्रा निकालने की तैयारी में लगी थी. लेकिन, राज्य सरकार ने कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक तनाव बिगड़ जाने की आशंका के कारण इस पर रोक लगा दी थी. इसके बाद भाजपा ने हाइकोर्ट में सरकार के इस फ़ैसले को चुनौती दी थी. बीते गुरुवार को हाइकोर्ट की एकल पीठ ने इस रथयात्रा को सशर्त मंजूरी दे दी. इसके बाद राज्य सरकार ने हाइकोर्ट की खंडपीठ में अपील की. देवाशीष करगुप्ता और न्यायमूर्ति शम्पा सरकार की खंडपीठ ने शुक्रवार को इस रैली पर रोक लगा दी साथ ही एकल पीठ को निर्देश दिया कि राज्य सरकार की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए इस फ़ैसले पर पुनर्विचार किया जाए.
दैनिक जागरण के मुताबिक इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील कर तुरंत सुनवाई करने की अपील की. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा की इस मांग को इनकार कर दिया है.
सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले के बाद भाजपा को झटका लगा है. पश्चिम बंगाल के 42 लोकसभा सीटों से होकर गुजरने वाली रथयात्रा के जरिए भाजपा अपना जनाधार बनाने की कोशिश कर रही थी.