ख़त्म हो गई वोटिंग लेकिन पड़ते रहे वोट, छत्तीसगढ़ चुनाव में भारी गड़बड़ी
वोटिंग ख़त्म होने के बाद भी पड़े 46 हजार मत.
छत्तीसगढ़ विधानसभा की कई सीटों पर मतदान के आंकड़ों में भारी फेरबदल देखने को मिली है. चुनाव ख़त्म होने के लगभग 1 हफ़्ते बाद मंगलवार को जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी आंकड़ों में 46 सीटों पर मतदान प्रतिशत में फेरबदल किया गया है. कई सीटों पर मतदान प्रतिशत में पिछले चुनावों में प्रत्याशियों की जीत के कुल मार्जिन से भी ज़्यादा का इजाफ़ा हुआ है.
पत्रिका की ख़बर के अनुसार निर्वाचन आयोग की तरफ़ से मतदान के अंतिम आंकड़ों की घोषणा के बाद मतदाताओं की संख्या में 46377 का इजाफा हुआ है. जब इस संबंध में राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि जनसंपर्क विभाग से सर्विस वोटर्स मतदाताओं की संख्या को भी जोड़ लिया गया है.
बता दें कि सर्विस वोटर्स उन कर्मचारियों को कहा जाता है जो अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर रहने के बावजूद भी अपने क्षेत्र के लिए मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं. इन कर्मचारियों में पुलिसकर्मी, आर्मी, मतदान पदाधिकारी आदि शामिल होते हैं.
चुनाव विशेषज्ञ ए.के लारी का कहना है कि यदि मतदान में इस किस्म की बढ़ोतरी सर्विस वोटर्स की वजह से हुई है तो सूचना आयोग को उन वोटरों की सूची जारी करनी चाहिए.
भरतपुर सोनहट, मुंगेली के मतदान आंकड़ों में इजाफ़ा होने को लेकर निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू का कहना है कि यह कोई भारी अंतर नहीं है. जनसंपर्क विभाग ने जो सूची जारी की है, वो कुल वोटरों की सूची है. जबकि हमारे द्वारा जारी की गई सूची में सर्विस वोटर्स शामिल नहीं हैं. सर्विस वोटर्स को सूची में बाद में जुड़ा जाएगा. साथ ही सुब्रत का यह कहना है कि आंकड़ों में एक-दो जगह एंट्री की गलत थी. लेकिन 22 नवंबर को आयोग द्वारा बताए गए आंकड़ें फाइनल हैं. उसके बाद कोई आंकड़ें नहीं बदले गए हैं. उन्होंने कहा कि जनसंपर्क द्वारा जारी आंकड़ें वास्तविक हैं या नहीं यह देखने के बाद ही पता चल पाएगा.
इस पूरे मामले में जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक आलोक देव का कहना है कि जो आंकड़े आयोग द्वारा जारी किए गए थे. उनमें कुछ में टाइपिंग की गलतियां थी. हमने गलतियों को ठीक करके उसका प्रकाशन कर दिया है. उन्होंने कहा कि जनसंपर्क विभाग की तरफ से किसी भी प्रकार के आंकड़ें अलग से प्रकाशित नहीं किए जाते हैं. आयोग द्वारा दिए गए आंकड़ों को ही हमने प्रकाशित किया है.