पाकिस्तान की तस्वीर भारत में हिन्दू महिला पर मुस्लिम पति द्वारा की गई हिंसा के दावे से साझा
ऑल्ट न्यूज़ की जांच.
सोशल मीडिया में वायरल तस्वीरों में – एक तस्वीर अख़बार की कतरन है, जिसमें दो हिन्दू लड़कियों को रमजान में रोज़ा रखने की खबर है और दूसरी तस्वीर में एक चोटिल महिला को देखा जा सकता है। कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ता तस्वीरों को इस दावे से साझा कर रहे हैं कि दो हिन्दू लड़कियों में से किसी एक लड़की को रोज़ा रखने के लिए उसके मुस्लिम पति द्वारा मारा गया है। इससे इस घटना को लव जिहाद बताया गया है। तस्वीरों के साथ साझा संदेश को नीचे पोस्ट किया गया है।
https://www.facebook.com/WeSupportHindutvaa/posts/658232631352880
“#आपको याद होगा रमजान महीने में ये खबर खूब चली थी, शिवानी और रिया नामक हिन्दू बेटियों ने हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल दी । अरे क्यों दी, ये भी तो बताते ?? शिवानी ने पहले तो रोजा रखा, आज इस शिवानी के पति ने ठुकाई कर दी। सारी गंगा जमुनी तहजीब निकल गयी। लव जिहाद हुआ था शिवानी का, अब भुगत रही है, उम्मीद है जल्दी ही रिया का भी ऐसा कोई फोटो आये तो अचरज मत करना। मूर्खता का परिणाम तो मिलना ही चाहिए”।
ट्विटर उपयोगकर्ता शैलेन्द्र प्रताप ने इन तस्वीरों को समान दावे से साझा किया है।
https://twitter.com/shailen_pratap/status/1152993086944923648?
इसी कथन के साथ इन तस्वीरों को फेसबुक और ट्विटर पर प्रसारित किया जा रहा है।

तथ्य जांच
घायल महिला की तस्वीर को गूगल पर रिवर्स सर्च करने पर, हमें पाकिस्तानी मीडिया संगठन Geo TV द्वारा 29 मार्च, 2019 को प्रकाशित किया गया एक लेख मिला। लेख में महिला की पहचान हाजरा के रूप में की गई है, उसने अपने पति पर पीटने का आरोप लगाया और जिसकी वजह से उसे कई चोटें भी आयी है। लेख के मुताबिक,”इस बीच, हाज़रा की मेडिकल रिपोर्ट में बताया गया है कि उसे नाक और जबड़े में चोट आयी है। उसके पति को लाहौर के अस्करी इलाके से 10 दिन पहले ही गिरफ्तार किया जा चूका था, हाजरा ने बताया की अपने माता-पिता से पैसे नहीं लाने की वजह से उसे प्रताड़ित किया गया था”-(अनुवाद)।

हाजरा की तस्वीर के साथ साझा की गई समाचारपत्र की तस्वीर एक अन्य घटना से संबधित है। यह घटना मध्यप्रदेश में दो हिन्दू लड़कियां – शिवानी और रिया द्वारा हिन्दू-मुस्लिम एकता के लिए रमज़ान के मौके पर एक दिन का उपवास रखने की घटना से संबधित है। अखबार की तस्वीर 4 जून को दैनिक भास्कर द्वारा प्रकाशित किये गए लेख की है। उपवास के बारे में बताते हुए दोनों लड़कियों का एक वीडियो भी युटुब पर मौजूद है।
निष्कर्ष के तौर पर, पाकिस्तान की एक घायल महिला की तस्वीर को भारत में दो हिन्दू लड़कियों द्वारा रोज़ा रखने के लेख के साथ साझा किया गया है। इससे यह दिखाने का प्रयास किया गया है कि यह घटनाएं एक-दूसरे से संबधित है।