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उत्तरप्रदेश: बैंक का कर्ज न चुका पाने की वजह से एक और किसान ने की आत्महत्या

बैंक से बार-बार कर्ज़ चुकाने का नोटिस आ रहा था जिससे परेशान होकर किसान ने आत्महत्या कर ली।

मोदी सरकार एक तरफ किसानों के हित के लिए बहुत कुछ करने का दावा करती है लेकिन दूसरी ही तरफ ज़मीनी हकीक़त कुछ और ही बयान करती है। उत्तर-प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले में फ़सल बर्बाद होने से एक और किसान ने आत्महत्या कर ली। लखीमपुर खीरी में पलीया तहसील के किसान मंगत राम ने बैंक कर्ज़ न चुका पाने के चलते पेड़ से फांसी लगाकर मौत को गले लगा लिया।

हिंद किसान की रिपोर्ट के अनुसार स्थानिय लोगों का कहना है कि मंगत राम की 3 एकड़ ज़मीन सारदा नदी की कटान की वजह से बर्बाद हो गई थी और बैंक से लिया कर्ज़ चुकाने का एकमात्र सहारा उसकी ज़मीन ही थी। इस वजह से किसान बहुत परेशान था। मृतक किसान मंगत राम की पत्नी का कहना है कि बैंक से बार-बार कर्ज़ चुकाने का नोटिस आ रहा था जिसकी वज़ह से वे बहुत परेशान हो गए थे। कर्ज़ न चुका पाने की स्थिति में उन्होंने आत्महत्या कर ली।

ज्ञात हो कि लखीमपुर खीरी ज़िले में यह अपने तरह की पहली घटना नहीं है। कुछ दिनों पहले भी यहां एक किसान ने बैंक का क़र्ज़ का चूका पाने की वजह से आत्महत्या कर ली थी।

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