एक और दलित की हुई हत्या, गुनाह बस यह कि उसने ‘उच्च जाति’ के लोगों के बीच खाना खाया
दलित युवक जितेन्द्र 26 अप्रैल को उत्तराखंड के नैनबाग तहसील अपनी चचेरी बहन के शादी में गया था.
उतराखंड में उच्च जाति के लोगों के साथ बैठकर खाना खा लेने को लेकर एक युवक की इतनी पिटाई की गई कि उसकी मौत हो गई. जानकारी के अनुसार 23 वर्षिय दलित युवक जितेंद्र को घटना के बाद अधमरे हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था. लेकिन एक हफ़्ते में भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुई. ज़िंदगी से जद्दोज़हद के बाद आख़िरकार दलित युवक ने दम तोड़ दिया.
यह पूरा मामला उत्तराखंड के नैनबाग तहसील की है. मृतक 26 अप्रैल को अपने चचेरी बहन के शादी समारोह में गया था. ग़लती से वह उच्च जाति के लोगों के साथ खाना खाने लगा था और इसी बात को लेकर उच्च जाति के लोगों ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी.
नवभारत टाइम्स की ख़बर के मुताबिक, मृतक की बहन पूजा ने बताया कि, “ग़लती से जितेंद्र उस काउंटर पर खाना ले लिया, जहां से उच्च जाति के लोग खाना खा रहे थे. खाने की प्लेट लेने के बाद वह ग़लती से ही उन्हीं उच्च जाति के लोगों के बीच कुर्सी पर बैठ गया.”
पूजा ने आरोप लगाते हुए कहा कि, “उच्च जाति के एक व्यक्ति ने कहा कि नीच जाती का है हमारे साथ खाना नहीं खा सकता. खाएगा तो मरेगा. उसके बाद उनलोगों ने जितेंद्र को जमकर पीटा.”
मृतक की बहन ने बताया कि, “गंभीर हालत में जितेंद्र को सीएचसी ले जाया गया. यहां से उसे श्री महंत इंद्रेश अस्पताल में भर्ती कराया गया. उसकी हालत काफी नाजुक हो गयी थी और कोई सुधार नहीं हो रहा थी. आखिरकार, जितेंद्र ने रविवार को दम तोड़ दिया.”
पूजा ने बताया कि, जितेंद्र उसके परिवार को भरण-पोषण करने वाला इकलौता इंसान था. साथ ही उसने बताया कि आरोपी उन्हें केस वापस लेने की धमकी दे रहे हैं. इस मामले में पुलिस ने अब तक कोई गिरफ़्तारी नहीं की है और ना ही आरोपियों पर एससी-एसटी एक्ट लगाया गया है.
नरेंद्र नगर के सीओ उत्तम सिंह ने बताया कि जितेंद्र के परिजनों की तरफ़ से एफआईआर 28 अप्रैल को दर्ज कराई गयी थी. पुलिस ने सात लोगों के ख़िलाफ़ आईपीसी और एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है.
वहीं, देहरादून एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने कहा कि, पुलिस आरोपियों की गिरफ़्तारी के लिए प्रयास कर रही है.