यूपी में एक बार फिर एनकाउंटर, मीडियाकर्मियों के सामने पुलिस ने दो लोगों को मारी गोली
अलीगढ़ के पूर्व विधायक हाजी ज़मीर उल्लाह ने मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मुठभेड़ की एक घटना सामने आई है। अबकी बार पुलिस ने मीडियाकर्मियों के सामने ही दो लोगों का एनकाउंटर किया है। इस मुठभेड़ को फर्जी बताया जा रहा है। समाचार वेबसाइट द फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार अलीगढ़ के हरदुआगंज में गुरुवार को दो मुस्लिम युवकों का मुठभेड़ किया गया। इनकी पहचान मुस्ताकिम और नौशद के रूप में हुई है। इनके ऊपर 25,000 रुपये का इनाम रखा गया था। मुठभेड़ के दौरान वहां कई मीडियाकर्मी मौजूद थे।
अलीगढ़ के पूर्व विधायक हाजी ज़मीर उल्लाह ने मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। समाजवादी पार्टी ने भी फ़र्ज़ी मुठभेड़ के द्वारा मानव अधिकारों का उल्लंघन करने का आरोप योगी सरकार पर लगाया है।
बताया जाता है कि पुलिस फायरिंग में दोनों आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गए और जब तक उन्हें ज़िला अस्पताल पहुंचाया जाता, वे दम तोड़ चुके थे। इस मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया।
गौरतलब है कि राज्य की योगी सरकार मुठभेड़ की बढ़ती घटनाओं के कारण लगातार सवालों के घेरे में रही है। पिछले एक साल में योगी सरकार ने लगभग 63 लोगों की जान एनकाउंटर के नाम पर ले ली है। विभिन्न ज़िलों में होने वाले मुठभेड़ों में 4 पुलिसकर्मियों की मौत भी हो चुकी है और कम से कम 500 से ज्यादा आम नागरिक घायल हो चुके हैं।