उत्तर प्रदेशः कानपुर में किडनी रैकेट का भंडाफोड़, निजी अस्पताल के CEO समेत 8 लोग गिरफ़्तार
कानपुर में 17 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय किडनी रैकेट का पर्दाफाश हुआ था. इस रैकेट में शामिल लोग गरीबों की किडनी निकालकर ट्रांसप्लांट के मरीजों को दे देते थे.
कानपुर पुलिस की विशेष जांच टीम एसआईटी ने किडनी रैकेट के सिलसिले में एक निजी अस्पताल के मुख्य कार्याधिकारी को दिल्ली से हिरासत में लिया है.
कानपुर के पुलिस अधीक्षक :अपराध: राजेश यादव ने पीटीआई-भाषा को फोन पर बताया कि डॉक्टर दीपक शुक्ला को शुक्रवार की रात में दिल्ली से हिरासत में लिया गया. उन्हें कानपुर लाया जा रहा है. शुक्ला दिल्ली के एक निजी अस्पताल में सीईओ हैं.
कानपुर में 17 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय किडनी रैकेट का पर्दाफाश हुआ था. इस रैकेट में शामिल लोग गरीबों की किडनी निकालकर ट्रांसप्लांट के मरीजों को दे देते थे. मरीजों में विदेशी भी शामिल थे.
पुलिस ने लखीमपुर खीरी के गौरव मिश्रा, कोलकाता के टी. राजकुमार राव, बदरपुर :नयी दिल्ली: के शैलेश सक्सेना, काकोरी-लखनऊ के सबूर अहमद, पनकी-कानपुर के विकी सिंह, चौक-लखनऊ के शमशाद अली तथा श्याम तिवारी एवं रामू पाण्डेय को इस मामले में गिरफ्तार किया है.
अब तक की जांच में पता चला है कि किडनी बेचने वाले गरीबों को गौरव जाल में फंसाता था.