उत्तर प्रदेश: मानदेय न मिलने से अनुदेशक ने फांसी लगाकर दी जान, प्रियंका गांधी बोलीं- भीषण आर्थिक तंगहाली झेल रही जनता
प्रियंका गांधी ने कहा कि भाजपा ने आज कर्मचारियों को इस स्थिति में ला दिया है कि वो आत्महत्या करने को मजबूर हैं.
उत्तर प्रदेश के बांदा ज़िले में मानदेय ना मिलने से एक अनुदेशक ने फांसी लगाकर जान दे दी है. पिछले तीन महीने से उनके मानदेय का भुगतान नहीं हो पाया था. बताया जाता है कि राज्य सरकार ने अभी तक बजट नहीं दिया है, जिसके कारण अनुदेशकों का बकाया है.
बांदा ज़िले के पल्हरी गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में राजेश कुमार पटेल का पुत्र भइयालाल पिछले पांच साल से अनुदेशक के तौर पर कार्यरत था. बुधवार देर रात उसने फांसी लगाकर जान दे दी.
अमर उजाला के मुताबिक ज़िला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिश्चंद्रनाथ के अनुसार अनुदेशकों का मानदेय 8700 रुपए प्रतिमाह है और बांदा ज़िले में 671 अनुदेशक कार्यरत हैं. उनके मुताबिक दिसंबर माह से बजट नहीं आने के कारण अनुदेशकों का बकाया भुगतान नहीं किया जा सका है.
अनुदेशक भइयालाल की मौत पर कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी ने दु:ख जताया है. प्रियंका गांधी ने भारतीय जनता पार्टी की आलोचना की है. उनका कहना है कि भाजपा ने आज कर्मचारियों को इस स्थिति में ला दिया है कि वो आत्महत्या करने को मजबूर हैं.
आगे प्रियंका गांधी ने ट्विटर पर लिखा है, “अनुदेशकों के साथ भाजपा ने ऐसा धोखा किया है कि हमारे ये मेहनती कर्मचारी भीषण आर्थिक तंगहाली झेल रहे हैं. उत्तर प्रदेश की जनता माफ नहीं करेगी.”
बाँदा की ये घटना बहुत ही दुखद है। भाजपा ने आज कर्मचारियों को इस स्थिति में ला दिया है कि वो आत्महत्या को मजबूर हैं।
अनुदेशकों के साथ भाजपा ने ऐसा धोखा किया है कि हमारे ये मेहनती कर्मचारी भीषण आर्थिक तंगहाली झेल रहे हैं।
उत्तर प्रदेश की जनता माफ नहीं करेगी।— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) April 13, 2019