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योगी’राज’ में घपलेबाजी: किसानों का लोन नहीं हुआ माफ़, लेकिन फ़ायदा पाने वालों की सूची में डाल दिया नाम

नाराज़ किसानों ने बैंक मैनेजर को ही बंधक बना लिया.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने किसानों का कर्ज़ माफी का फै़सला तो लिया था. लेकिन इसका फ़ायदा ज़मीनी स्तर पर किसानों को नहीं हो रहा है. मुजफ़्फ़रनगर के नाराज़ किसानों ने इलाहाबाद बैंक शाखा के मैनेजर को बंधक बनाकर धरना प्रदर्शन किया है. बैंक की बड़ी लापरवाही के कारण कर्ज़ माफ़ी की सूची में नाम आने के बावजूद भी किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है.

हिंद किसान की रिपोर्ट के अनुसार रवींद्र कुमार नामक किसान का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कर्ज़ माफ़ी की सूची में उनका नाम दर्ज था. लेकिन बावजूद इसके उन्हें लाभ नहीं मिला. उन्होंने कई बाद इसकी शिकायत बैंक में की थी. लेकिन जब किसी ने उनकी शिकायत पर गौर नहीं किया तो वे प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो गए हैं. किसान नेता नकुल अहलावत ने मांग करते हुए कहा कि हमारे किसान का 2 लाख रुपये का कर्ज़ माफ़ हो और बैंक के जिस कर्मचारी ने धोखाधड़ी की है उसके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाए.

ज्ञात हो कि रवींद्र कुमार और उनकी मां ने फरवरी 2016 में इलाहाबाद बैंक से ढाई लाख रुपये का कर्ज़ लिया था. राज्य सरकार ने 31 मार्च 2016 तक लिया 1 लाख रुपये का कर्ज़ माफ करने का फै़सला लिया था. कर्ज़ माफी की सूची में रवींद्र और उनकी मां का नाम भी शामिल था. लेकिन बैंक पर आरोप है कि उसने मनमाने तरीके से रवींद्र और उनकी मां के खातों में पैसे डालकर निकाल लिए थे. लेकिन अब बैंक मैनेजर इसे तकनीकी खराबी बताते हुए पल्ला झाड़ रहे हैं. बैंक मैनेजर अमरीश सक्सेना ने पूरे मामले पर कहा कि उन्होंने ऊपर के अधिकरियों को लिखित तौर पर इस बात की जानकारी दी है कि किसान कर्ज़ माफी के पात्र हैं.

बैंक की तरफ से आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया है. लेकिन इस तरह के मामले बताते हैं कि सरकार द्वारा केवल कर्ज़ माफी के ऐलान भर से किसानों को राहत नहीं मिलती है.

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