उत्तर प्रदेश: गन्ने की फ़सल का नहीं हुआ भुगतान, कर्ज़ के सदमे ने ली किसान की जान
चीनी मिल पर मृत किसान का 60 हज़ार रुपये बकाया था.
भाजपा सरकार ने भले ही सत्ता में आने से पहले किसान कर्ज़ माफी के बड़े-बड़े वादे क्यों न किए हो, लेकिन कर्ज के बोझ तले किसान दबकर आत्महत्या करने को मजबूर हैं. ताजा मामला मुरादाबाद का है. जहां गन्ने की फसल का बकाया पैसा खाते में ना आने के कारण सदमे से एक किसान की मौत हो गई. यह पूरा घटनाक्रम बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया.
पत्रिका की ख़बर के अनुसार कुंदरकी थाना क्षेत्र के नगला गांव के निवासी अहमद जान गन्ने की खेती करते थे. भीलवाड़ा शुगर मिल पर उनका पिछले साल से गन्ने की फसल का 60 हज़ार रुपये बकाया है. गुरुवार को अहमद बैंक में बकाया राशि की जानकारी लेने गए थे. वहां उन्हें पता चला कि उनकी बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया है. इस बात से अहमद को गहरा सदमा लगा और वह बैंक में बेहोश हो गए. अहमद को मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
मृतक अहमद के बेटे इरशात ने बताया कि उनके पिता के ऊपर काफ़ी कर्ज़ था और सरकार द्वारा कर्जमाफ़ी का वादा किए जाने के बाद भी किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ, जिसके कारण उनके पिता काफी परेशान थे. इस पूरे मामले में पुलिस अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि मामले की जांच में सामने आया है कि गन्ना मिल ने बकाया राशि का भुगतान नहीं किया था. जिसके बाद किसान की मौत हो गई.
इधर, समाजवादी पार्टी के विधायक हाजी रिजवान ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार बिल्कुल विफल हो चुकी है. किसान अहमद की मौत कर्ज की वज़ह से हुई है. उन्होंने कहा कि मृतक किसान ने बैंक से लोन ले लिया था और गन्ना भुगतान आने पर बैंक का लोन चुकाने वाला था. लेकिन, जब किसान के खाते में बकाए की भुगतान राशि नहीं आई तो उन्हें गहरा सदमा लगा, जिससे अहमद की मौत हो गई.