योगी राज में सुरक्षित नहीं डीएम, पत्र लिखकर सुरक्षा बढ़ाने की मांग
एक तरफ योगी सरकार प्रदेश सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावा पेश करती है वहीं दूसरी तरफ सरकारी अधिकारी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं.
उत्तर प्रदेश में अब आम आदमी ही नहीं बल्कि प्रशासन के आला अधिकारी भी ख़ुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. गौतमबुद्ध ज़िले के डीएम ब्रजेश नारायण सिंह ने अपनी जान को खतरा बताते हुए एसएसपी को एक पत्र लिखा है. उन्होंने पत्र में अपनी सुरक्षा बढ़ाने की बात कही है. डीएम का यह पत्र प्रदेश में सुरक्षा को लेकर कई तरह के सवालिया-निशान खड़े करता है.
पत्रिका की ख़बर के मुताबिक डीएम का यह पत्र 1 महीने पुराना है जो अब प्रकाश में आया है. पत्र के बाद डीएम ब्रजेश नारायण सिंह की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. ग़ौरतलब है कि एक तरफ योगी सरकार प्रदेश सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावा पेश करती है वहीं दूसरी तरफ सरकारी अधिकारी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं.
डीएम ब्रजेश नारायण सिंह ने पत्र में लिखा है कि जुलाई 2018 में दादरी के शाहबेरी में एक नवनिर्मित इमारत गिर गई थी. जिसमें 9लोगों की मौत हो गई थी. घटना के बाद 19 व्यक्तियों और संस्थाओं के ख़िलाफ़ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की गई थी. वहीं एक दूसरे मामले का ज़िक्र करते हुए पत्र में लिखा गया है कि हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग करने के कारण बिल्डरों सहित 50लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था. इसके अलावा, कुछ खनन माफ़िया और भू-माफियाओं के विरुद्ध भी कार्रवाई हुई है. ऐसे में अभियुक्तों में अधिकारी के ख़िलाफ़ रोष होना संभवित है. इन सभी मामलों को देखते हुए उनकी सुरक्षा पर विचार किया जाना जरूरी है.
क्या यूपी में डीएम भी सुरक्षित नहीं, तो आम आदमी का क्या?
गौतमबुद्ध नगर के डीएम का एसएसपी को लिखा पत्र सामने आया है। जिसमें अपनी जान को खतरा जाहिर किया और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। लिखा कि भूमाफिया पर कार्रवाई की है। इसलिए सुरक्षा की जरूरत है।
अब आधिकारिक बयान का इंतजार है। pic.twitter.com/6uB59OMicP
— Pankaj Parashar (@PANKAJPARASHAR_) January 26, 2019
उन्होंने पत्र में यह भी कहा है कि ज़िले में अपराधियों के ख़िलाफ़ पुलिस ठोस कदम उठा रही है, जबकि मेरे साथ केवल एक पीएसओ (निजी सुरक्षा अधिकारी) रहता है. इसलिए हालातों को देखते हुए सुरक्षा जरूरी है. ज्ञात हो कि डीएम का यह पत्र बुलंदशहर घटना के बाद लिखा गया था. बुलंशहर हिंसा में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और 20 वर्षीय सुमित की मौत हो गई थी.