योगी की पुलिस ने किसानों पर बरसाई लाठियां, गन्ने का बकाया भुगतान करने की मांग कर रहे थे किसान, 50 से ज्यादा घायल
पुलिस द्वारा लाठीचार्ज में 50 किसान घायल हो गए.
उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसानों की समस्याएं सुनने की बजाय पुलिस के हाथों इन्हें पिटवा रहे हैं. ताज़ा मामला बिजनौर का है. इस पुलिसिया कार्रवाई में 50 से ज्यादा किसान घायल हो गए हैं.
बीते सोमवार को बिजनौर में गन्ना सोसाइटी के दफ्तर में किसानों ने आत्मदाह करने की कोशिश की. इसके बाद पुलिस ने किसानों पर पानी की बौछार करते हुए लाठीचार्ज कर दिया. पुलिस के लाठीचार्ज में कई किसान चोटिल हो गए. पुलिस की बर्बर कार्रवाई से नाराज़ किसानों ने आगामी 12 फरवरी को किसान महापंचायत की घोषणा की है.
नवजीवन की ख़बर के अनुसार आजाद किसान यूनियन के बैनर तले गन्ने की फसल का बकाया भुगतान को लेकर किसान प्रदर्शन कर रहे थे. लेकिन, पुलिस ने किसानों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, जिसमें 50 लोग घायल हो गए. वहीं पुलिस ने लगभग 150 किसानों पर मुकदमा दर्ज कर लिया. आजाद किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी राजेन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार ने किसानों का दमन करने का काम किया है. अब सरकार पहले किसानों पर लाठीचार्ज करने वाले अफसरों को निलंबित करे, उसके बाद आगे बात होगी. उन्होंने कहा कि इस घटना से किसान अपमानित महसूस कर रहे हैं. अंतरिम बजट पर नाराज़गी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि पहले बजट में किसान का अपमान किया गया. किसान भीख नहीं मांग रहा है, बल्कि अपना हक मांग रहा है.
पुलिसिया दमन से नाराज़ किसानों ने बीते मंगलवार को रशीदपुर गढ़ी के पंचायत भवन में एकत्र होकर आगे की रणनीति तय की है. संगठन के प्रदेश संयोजक एनपी सिंह ने कहा कि ये सरकार गजब है, किसान अपना पैसा मांग रहे थे और बदले में उन्हें लाठियां मिलीं. किसान पिछले एक महीने से लगातार पैसों की मांग रहे थे. लेकिन, प्रशासन ने किसानों से बर्बर व्यवहार किया.
बिजनौर डीएम अटल कुमार राय ने बताया कि किसान अपने गन्ने के बकाये की भुगतान की मांग कर रहे थे. वेव ग्रुप पर किसानों के बकाया को लेकर हम कोशिश कर रहे हैं. जिलाधिकारी ने बताया कि किसान आत्मदाह करने की कोशिश कर रहे थे, जिसे प्रशासन द्वारा रोका गया. वहीं विपक्षी दलों के नेताओं ने भी किसानों का समर्थन किया और पुलिस द्वारा लाठीचार्ज की निंदा की है.