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छात्रों के बीच बोई जा रही है साम्प्रदायिकता की बीज, लॉ की परीक्षा में पूछा गौहत्या से जुड़ा सवाल

दिल्ली सरकार ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं.

पूरे देश में चल रहे सांप्रदायिक राजनीति का असर अब विश्वविद्यालयों के प्रश्नपत्रों में भी नज़र आ रहा है. दिल्ली में स्थित गुरु गोबिंद सिंह इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय में 7 दिसम्बर को लॉ के प्रश्नपत्र में हिन्दुओं के सामने गौ हत्या को लेकर प्रश्न पूछा गया था. जानकारी के मुताबिक़ इस प्रश्न को बाद में हटा दिया गया.

विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा में पूछा गया प्रश्न इस प्रकार है–

“एक मुसलमान, अहमद, बाज़ार में रोहित, तुषार, मानव और राहुल के सामने एक गाय को मारते हैं जो कि हिन्दू हैं. क्या अहमद ने कोई अपराध किया है?”

इस सवाल पर गंभीर विवाद होने लगे जिसके बाद विश्वविद्यालय ने उसे हटा दिया.

टेलीग्राफ की ख़बर के मुताबिक़, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार सतनाम सिंह ने कहा, “हमें इस सवाल पर खेद है. यह स्पष्ट रूप से सांप्रदायिक है. इस सवाल को हटा दिया गया है और इस सवाल के लिए अंक नहीं दिए जायेंगे, चाहे इसका उत्तर किसी छात्र ने लिखा हो या न लिखा हो. परीक्षा नियंत्रक सहित सभी परीक्षकों को इस सम्बन्ध में सलाह दी जाएगी ताकि इस तरह की चीज़ें दोबारा न हो.”

इस मामले में दिल्ली के डिप्टी मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने इस सवाल का विरोध करते हुए कहा, “यह बहुत ही बेतुका सवाल है. यह समाज की समरसता को ठेस पहुंचानी की कोशिश है. अगर ऐसा हुआ है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सरकार इस मामले को लेकर जांच का आदेश देगी.”

द टेलीग्राफ़ की एक ख़बर के मुताबिक़ इस जांच में दोषी पाए जाने पर प्रश्नपत्र को तैयार करने वाले परीक्षक के ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता की धारा 153A (धार्मिक समूहों के बीच शत्रुता फैलाना) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा और इसमें उन्हें तीन साल तक की जेल भी हो सकती है.

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