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आख़िरकार मान गई सरकार, नोटबंदी ने तोड़ दी है किसानों की कमर

स्वयं कृषि मंत्रालय ने नोटबंदी के फ़ैसला को किसानों का कमर तोड़ देने वाला बताया है.

दो साल पहले नोटबंदी की घोषणा करने वाली मोदी सरकार अभी तक अपने फैसले को सफल बताती रही है, लेकिन अब सरकार ने भी मान लिया है कि इस फैसले ने किसानों की कमर तोड़ दी है.

वित्त मंत्रालय से जुड़ी वित्तीय मामलों की स्थायी संसदीय समिति को सौंपी गई रिपोर्ट में कृषि मंत्रालय ने बड़ा खुलासा किया. जनसत्ता की ख़बर के अनुसार इस रिपोर्ट में कहा गया है कि नोटबंदी के बाद अचानक नकदी की भारी कमी हो गई. इसकी वजह से किसान बीज और खाद नहीं ख़रीद पाए. रबी और ख़रीफ के बीज ख़रीदने के लिए भी नकद राशि की आवश्यकता होती है, जो नोटबंदी के कारण पूरी नहीं हो पाई. इससे देश के अन्नदाताओं की कमर बुरी तरह से टूट गई.

इस रिपोर्ट में कृषि मंत्रालय ने यह भी स्वीकार किया कि नकदी की कमी के कारण राष्ट्रीय बीज निगम के लगभग 1 लाख 68 हज़ार क्विंटल गेहूं के बीज नहीं बिके. हालांकि स्थिति को देखते हुए बीज खरीदने के लिए सरकार की ओर से पुराने नोटों के इस्तेमाल की इज़ाज़त दे दी गई थी. लेकिन सरकार की तरफ़ से छूट के बावजूद भी बीजों की बिक्री में ज्यादा तेज़ी नहीं आई.

गौरतलब है कि यह रिपोर्ट उस वक़्त जारी हुई जब प्रधानमंत्री मोदी मध्यप्रदेश के झबुआ में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए नोटबंदी की तारीफ कर रहे थे. उन्होंने कहा था, “देश से भ्रष्टाचार के दीमक को साफ़ करने के लिए और बैकिंग सिस्टम में पैसा वापस लाने के लिए नोटबंदी जैसी कड़वी दवा का उपयोग करना जरूरी था.”

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