प्रधानमंत्री के नाम ट्विटर यूजर्स का “फ़तवा” – झूठ छोड़कर देशहित में ध्यान दीजिए
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान को सांप्रदायिक रंग देने के बाद ट्विटर यूजर्स ने प्रधानमंत्री की जमकर क्लास लगाई.
सीकर में प्रधानमंत्री के भाषण के तुरंत बाद ट्विटर यूजर्स ने पूछना शुरू कर दिया कि विकास की बात करने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने विकास और अच्छे दिन के जुमले से किनारा क्यों कर लिया.
@sardalpatel_ नाम के हैंडल ने ट्विट किया कि यूनेस्को ने प्रधानमंत्री मोदी को सबसे बड़ा झूठा बताया है.
What PM Modi heard – Congress has come up with a "fatwa" that I should not begin rallies with "Bharat Mata Ki Jai"… How can they deny this?
What RG actually said –
Has UNESCO declared our PM as the best liar in the World yet ? pic.twitter.com/4rdrDrYiuX
— Saral Patel (@SaralPatel) December 4, 2018
महेश लांगा ने लिखा कि मोदी के लिए 2019 में विकास का मतलब इस तरह के सांप्रदायिक बयान हैं.
https://twitter.com/LangaMahesh/status/1069893404757127168
सचिन टंडन ने लिखा कि प्रधानमंत्री कार्यालय में एक झूठा व्यक्ति बैठा है जिसके कारण उस कार्यालय की भी गरिमा को ठेस पहुंच रही है.
I hereby, retrospectively retract all advice I gave to people, online or offline, that they must respect the office of the PM.
When you have a liar like this holding office, the office itself is worthless. https://t.co/YOb6Z5a9pU— Sachin Tandon (@cugwmui) December 4, 2018
@rural_india नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा कि राहुल गांधी ने ऐसा बयान नहीं दिया था, लेकिन आपने भाषण में झूठ बोलकर जनता को गुमराह करने की कोशिश की है, जो अब नहीं चलने वाली.
इधर कुछ यूजर्स ने अपने अंदाज में प्रधानमंत्री के नाम फतवा जारी किया.
फरीद ने लिखा कि देश प्रधानमंत्री पर फतवा जारी कर कहता है कि उन्हें चुनावी रैलियों के बजाय देशहित पर ध्यान देना चाहिए.
The nation issues a fatwa that the PM should not be taking time off from his PM duties for political rallies at all. https://t.co/CJSCeQ62KB
— FRC 🇮🇳 (@faridurc) December 4, 2018
पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी ने लिखा कि महिलाएं प्रधानमंत्री के ऊपर फतवा जारी करती हैं कि प्रधानमंत्री ऐसे लोगों को ट्विटर पर फॉलो करना बंद करें जो महिलाओं को रेप की धमकियां देते हैं.
Dear @PMOIndia women issue a "fatwa" that you stop following incitement, rape & death threat making handles. Please comply https://t.co/Uvn8YLu8Mg
— Swati Chaturvedi (@bainjal) December 4, 2018
और तुफ़ैल अहमद ने लिखा कि यह बात स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इन सांप्रदायिक बयानों के बिना चुनाव नहीं जीत सकते.
https://twitter.com/tufailelif/status/1069920115972562946
राजस्थान के सीकर में भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट मांगते हुए उन्होंने राहुल गांधी के बयान को लेकर झूठ बोला. प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने उनपर फतवा जारी किया है कि उन्हें भारत माता की जय से अपनी रैली की शुरुआत नहीं करनी चाहिए.
ग़ौरतलब है कि राजस्थान के सीकर में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कांग्रेस फतवा लेकर आई है कि मुझे भारत माता की जय के साथ रैलियों को शुरू नहीं करना चाहिए. वे इससे कैसे इनकार कर सकते हैं. कांग्रेस को ऐसी बात कहने के लिए शर्मिंदा होना चाहिए. यह हमारी मातृभूमि का अपमान है.”
Congress has come up with a "fatwa" that I should not begin rallies with "Bharat Mata Ki Jai"… How can they deny this? They must be ashamed of even saying such a thing. This shows their disrespect for our motherland: PM @narendramodi in Sikar#RajasthanElections pic.twitter.com/X9q23rgmAO
— The Times Of India (@timesofindia) December 4, 2018
जबकि राहुल गांधी ने अपने मूल भाषण में कहा था कि प्रधानमंत्री “भारत माता की जय” के साथ हर भाषण शुरू करते हैं. लेकिन, अनिल अंबानी, मेहुल चौकसी और नीरव मोदी जैसे उद्योगपति के लिए काम करते हैं. गांधी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री को अनिल अंबानी की जय, मेहुल चौकसी की जय, नीरव मोदी की जय’ के साथ अपना भाषण शुरू करना चाहिए.
#WATCH: Rahul Gandhi in Alwar Rajasthan: PM Modi says 'Bharat Mata ki Jai' before every speech, he should instead say 'Anil Ambani ki jai, Mehul Choksi ki jai, Nirav Modi ki jai, Lalit Modi ki jai'. If you talk of Bharat Mata then how can you forget our farmers? pic.twitter.com/f1R6Sxz5iR
— ANI (@ANI) December 4, 2018
प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी के बयान में फतवा शब्द जोड़कर इसे सांप्रदायिक रंग देने की थी.