तेलंगाना के सीएम ने 10 हजार करोड़ की योजना को 60 हजार करोड़ की परियोजना बना दिया: राहुल गांधी
राहुल ने कहा, ‘‘आप याद रखें कि टीआरएस और नरेंद्र मोदी के बीच साझेदारी है और दोनों मिलकर काम कर रहे हैं।’’
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तेलंगाना के कार्यवाहक मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के बीच एक ‘‘समझौता’’ हुआ है जिससे सुनिश्चित हो सके कि केंद्रीय एवं राज्य स्तर पर भाजपा एवं तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) का शासन जारी रहे।
उन्होंने यहां एक चुनावी रैली में कहा, ‘‘टीआरएस का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने रहें, भाजपा देश पर राज करती रहे और केसीआर तेलंगाना में शासन करते रहें।’’
राहुल ने कहा कि पिछले साढ़े चार साल में केसीआर ने कई मौकों पर मोदी सरकार का समर्थन किया है और उन्होंने ‘‘दबाव में आकर’’ नोटबंदी और जीएसटी की तारीफ भी की थी।
गौरतलब है कि टीआरएस ने राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति चुनावों में एनडीए के उम्मीदवारों का समर्थन किया था।
राहुल ने कहा, ‘‘आप याद रखें कि टीआरएस और नरेंद्र मोदी के बीच साझेदारी है और दोनों मिलकर काम कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम तेलंगाना में टीआरएस और (2019 के लोकसभा चुनाव में) दिल्ली में मोदी की भाजपा की हार सुनिश्चित करेंगे।’’
राहुल ने आरोप लगाया कि अपने दोस्तों और परिजन को फायदा पहुंचाने के लिए केसीआर ने 10,000 करोड़ रुपए की पालामुरू-रंगा रेड्डी लिफ्ट सिंचाई परियोजना में फेरबदल कर इसे 60,000 करोड़ रुपए की परियोजना बना दिया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के लोगों को पानी नहीं मिल रहा।
उन्होंने कहा, ‘‘उनके (राव के) ठेकेदार दोस्तों और परिजन की जेब में हजारों करोड़ रुपए गए। केसीआर पिछले पांच साल में एक-एक कर हर परियोजना को फिर से डिजाइन कराते रहे हैं….बच्चा-बच्चा उनका नया नाम जानता है। उनका नाम ‘खाओ कमीशन राव’ है।’’
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि पांच साल पहले जब तेलंगाना राज्य का गठन हुआ था तो लोगों का नए तेलंगाना का सपना था और ‘नीलू’ (पानी), निधुलु (धनराशि) और नियमकालु (नियुक्तियां) के बेहतर भविष्य और ‘बंगारू तेलंगाना’ (सुनहरा तेलंगाना) बनने की उम्मीद थी, लेकिन केसीआर के मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य में सिर्फ एक परिवार का राज है।
राहुल ने कहा कि टीआरएस सरकार के शासनकाल में ‘सुनहरे तेलंगाना’ का सपना ‘सुनहरे परिवार’ में तब्दील हो गया है।
तेलंगाना में सात दिसंबर को विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
कांग्रेस की अगुवाई में चार पार्टियों का ‘जन गठबंधन’, टीआरएस और भाजपा इस चुनावी मुकाबले में जोर आजमाइश कर रहे हैं।