अगले जन्म में, मज़बूत रीढ़ लेके आईये, राष्ट्र को तब भी आप का इंतज़ार रहेगा, मस्जिद ढहाने की पूर्व रात्री, आप के भाषण ने आप को बौना साबित कर दिया – अरुण पन्नालाल
मस्जिद ढहाने की पूर्व रात्री, आप के भाषण ने आप को बौना साबित कर दिया
अटल बिहारी जी, मेंरी नज़रों में कोई शोक नहीं है।
~गुजरात दंगों में मुख्यमंत्री को बर्ख़ास्त करना था। रंगभरी नसीहत की जरूरत देश को नहीं थी।
~ अडवाणी को रथ यात्रा रोकने प्रभावित करना था। सैकड़ों जान की कीमत कौन चुकाएगा?
~ मस्जिद ढहाने की पूर्व रात्री, आप के भाषण ने आप को बौना साबित कर दिया।
देश आज नफरत के दौर से गुजर रहा है। बीज तो बोया गया, नफरत को पाला, पोसा, सींचा गया। ज़िम्मेदारी कहीं तो ठहरेगी।
जब आप की मात्र दो सीट थी, तब ट्रेन में भोजन एक साथी के साथ मै दिया करता। आप ने स्नेह पूर्वक मेंरी डायरी में एक कविता लिखी थी। संजो के रखा हूँ।
आखिर भावनापूर्ण हृदय की आहूती राजनीति के दावानल में स्वाहा हो ही गयी। एक कद्देवार चरित्र की तरह नहीं अपितु संवेदनशील व्यक्तित्व की तरह मेंरी श्रद्धांजलि अर्पित है।
अगले जन्म में, मज़बूत रीढ़ लेके आईये, राष्ट्र को तब भी आप का इंतज़ार रहेगा।
अरुण पन्नालाल छत्तीसगढ़ में लोक स्वातंत्र्य संगठन के छत्तीसगढ़ निकाय के सदस्य हैं एवं मानवाधिकार के क्षेत्र में सक्रीय रूप से कार्यरत हैं।