तेलंगानाः 103 टैक्स चोरी के मामले आए सामने, सरकार को लगा 244 करोड़ रुपए का चूना
टैक्स चोरी करने वाले आरोपियों में से 71 के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.
सेंट्रल जीएसटी इंटेलिजेंस विंग ने तेलंगाना में 103 टैक्स चोरों की पहचान की है, जिन्होंने सरकार को 244.25 करोड़ रुपए का चूना लगाया है, जीएसटी प्रवर्तन इन ने 71 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है और दिसंबर 2018 तक 95.83 करोड़ रुपए की वसूली की है.
वहीं आंध्र प्रदेश में टैक्स चोरी के 38 मामले सामने आए थे, जिसमें 359.01 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई थी.
डेक्कन क्रॉनिकल की रिपोर्ट के अनुसार बिजनेसमैन अपने प्रोडक्ट और सेवाएं देने के लिए ग्राहकों से GST तो लेते है, लेकिन सरकार को भुगतान नहीं करते हैं. इसके बजाय वह इसे निवेश के लिए उपयोग करते हैं. देशभर में विज्ञापनों ने 12,766.8 करोड़ रुपए के जीएसटी को डिफ़ॉल्ट किया है, जिनमें से 2017-18 में प्रवर्तन विंग ने 7,909.96 करोड़ रुपए की वसूली की है.
कानून के अनुसार, किसी भी डिफॉल्टर के पास यदि 3 महीने से अधिक के समय में 1 करोड़ रुपए का जीएसटी कर प्राप्त होता है तो आरोपी को सजा का प्रावधान है. साथ ही उसका बैंक खाता सील किया जा सकता है.
जीएसटी कार्यालय द्वारा लेनदेन और कर चोरी पर नज़र रखने की बात पर एक अधिकारी ने बताया कि कार्यालय विभिन्न ग्राहकों से उनकी प्रतिक्रियाएं लेता है. वहीं विभिन्न प्रबंधन सूचना प्रणालियों के साथ एक अलग जीएसटी नेटवर्क विकसित किया गया है. जो जीएसटी से संबंधित आंकड़ों का विश्लेषण करने के लिए कर अधिकारियों की सहायता करता है. टैक्स अधिकारियों को सेफ फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल सर्वर के माध्यम से समय-समय पर जीएसटी रिटर्न, रिफंड आदि जैसा डेटा पहुंचा दिया जाता है.