दिल्ली उच्च न्यायलय ने नवलखा की गिरफ़्तारी के मामले में किया महाराष्ट्र पुलिस से सवाल, कहा – हिरासत का एक-एक मिनट चिंता का विषय
न्यायमूर्ति एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति विनोद गोयल की पीठ ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि कैसे मजिस्ट्रेट अदालत ने अनुदित दस्तावेजों के बगैर ही ट्रांजिट रिमांड आदेश जारी करने के लिये विवेक का इस्तेमाल किया।