पाठक और दर्शक को अखबार और चैनल से लड़ना ही पड़ेगा- रवीश कुमार रवीश कुमार Mar 24, 2019 हिन्दी पत्रकारिता इतनी डरपोक और ग़ुलाम क्यों हैं.