सांप्रदायिक राष्ट्रवाद के चंगुल में फंस कर बैंकरों ने ख़ुद को ही अकेला कर लिया- रवीश कुमार
वित्त मंत्रालय से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक कई तरह के आर्थिक सलाहकार हैं. उनके आइडिया में ऐसी क्या कमी है जिसकी भरपाई ब्रांच स्तर के मैनेजर के आइडिया से की जा रही है?