गंगा के लिए 121 दिन से आमरण अनशन पर बैठे संत गोपालदास को भी सरकार ने फुटबॉल बना दिया है!
गंगा की सफाई के लिए आंदोलन करने वालों को अब तक मौत ही नसीब हुई है। स्वामी सानंद की मौत को अभी दस दिन भी नहीं बीते हैं और संत गोपाल दास के साथ भी वैसा ही व्यवहार हो रहा है। ऐसे में गंगा को लेकर सरकार का रवैया साफ नज़र आता है। भाजपा को सिर्फ वोट चाहिए पर्यावरण नहीं।