मैं दिल्ली पुलिस के उस जवान के साथ खड़ा हूँ जिसे पीटा गया- रवीश कुमार
देश डरपोकों का समूह बन चुका है. जो भीड़ है वही मालिक है. वही क़ानून है. वही पुलिस है. वही जज है. बाक़ी कुछ नहीं है.
देश डरपोकों का समूह बन चुका है. जो भीड़ है वही मालिक है. वही क़ानून है. वही पुलिस है. वही जज है. बाक़ी कुछ नहीं है.