एक साल में असम के 55 लोगों ने कर ली आत्महत्या, और साहब के इशारे पर टीवी पर बढ़ने लगा हिन्दू-हिन्दू का शोर: रवीश कुमार
चैनलों की धार्मिक होती बहस का एक ही मतलब है. इशारा आया होगा कि ज़ोर लगाओ. हिन्दू हिन्दू करो. हिन्दू को ख़तरे में बताओ. रोज़गार और शिक्षा के ख़तरे को धर्म के ख़तरे से बदल दो.