साध्वी प्रज्ञा की लोकसभा दावेदारी अपवाद नहीं- ये दौर सिर्फ़ बेशर्म राजनीति का दौर है
यह दावेदारी, संकल्प पत्र और ऐसे बयान यह इशारा करते हैं कि अगर इन्हें सत्ता पर दोबारा कब्ज़ा मिला तो पहले से ज़्यादा कट्टरपंथी राजनीति देखने को मिलेगी.
यह दावेदारी, संकल्प पत्र और ऐसे बयान यह इशारा करते हैं कि अगर इन्हें सत्ता पर दोबारा कब्ज़ा मिला तो पहले से ज़्यादा कट्टरपंथी राजनीति देखने को मिलेगी.