ग्राउंड रिपोर्ट: 12 घंटे काम के बदले 120 रुपए का मानदेय और अधिकारियों द्वारा जलालत झेल रही बिहार की “ममता” कार्यकर्ता
अधिकतर ममता कार्यकर्ता पिछड़ी जातियों से ताल्लुक़ रखती है. वाजिब वेतन तो दूर, अस्पताल प्रशासन डरा-धमका कर इनसे झाड़ू-पोंछे का काम भी लेता है.