आधार संवैधानिक खामियों की शिकार, इससे मौलिक अधिकारियों का उल्लंघन : न्यायमूर्ति चंद्रचूड़
उन्होंने कहा कि आधार विधेयक को लोकसभा में धन विधेयक के रूप में पारित नहीं होना चाहिए था क्योंकि यह संविधान के साथ धोखा के समान है और निरस्त किये जाने के लायक है।