IPS ने PMO पर भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप लगाया, तब गोदी मीडिया ने इस ख़बर से तौबा कर लिया; रवीश कुमार का विश्लेषण.
अख़बारों में किसी के IAS, IPS बनने पर जश्न मनाते हैं मगर जब एक IPS सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय पर सवाल उठा देता है तो हिन्दी के अख़बार उसे सीबीआई बनाम सीबीआई का शीर्षक लगाकर छापते हैं.